बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में उत्तर प्रदेश का बड़ा कदम: 141 हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित किए गए मुक्त
Major step by Uttar Pradesh towards child
लखनऊ। Major step by Uttar Pradesh towards child, अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर प्रदेश के 15 जिलों के 141 हॉटस्पॉट क्षेत्रों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया। अब दिसंबर 2026 तक 15 जिलों को और अगले वर्ष तक पूरे प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने इसकी घोषणा की। इस दौरान झांसी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को भी बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया।
शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया जा रहा है और उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। अटल आवासीय विद्यालयों में श्रमिक परिवारों के बच्चों को वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि प्रदेश में कुल 543 बाल श्रम हॉटस्पॉट चुने गए हैं।
बच्चों ने अपनी सफलता की कहानियां सुनाईं
141 शहरी वार्डों व ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जा चुका है। श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल श्रम विभाग का नहीं बल्कि सभी विभागों और समाज की साझा जिम्मेदारी है। झांसी मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे ने जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के अनुभव साझा किए।
बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों ने अपनी सफलता की कहानियां सुनाईं। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अशोक कुमार ने आंध्र प्रदेश के निजामाबाद मॉडल की जानकारी दी। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि प्रदेश के 20 हजार से अधिक गांवों को ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
बाल श्रम से मुक्त जिले बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, चित्रकूट, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा, कन्नौज और गोंडा की प्रदर्शनियां लगाई गईं। बाल श्रमिक विद्या योजना और सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के लाभार्थियों प्रमाणपत्र दिए गए।
कार्यक्रम में डिजिटल लेबर चौपाल का शुभारंभ किया गया। बच्चों की सफलता पर आधारित वीडियो दिखाया गया। अंत विशेषज्ञों के साथ पैनल चर्चा भी हुई। संचालन सैय्यद रिजवान अली ने किया।